Router Kya Hai और यह काम कैसे करता है। Router in Hindi

Router Kya Hai और यह काम कैसे करता है। Router in Hindi


Router Kya Hai और यह काम कैसे करता है। Router in Hindi


Router kya hai | Router kya hota hai | राउटर क्या है :- तो दोस्तों क्या आप जानते हो की router क्या होता है, router काम कैसे करता है, router कितने प्रकार के होते है और router के फायदे क्या होते है। अगर आप नहीं जानते हो और जानना चाहते हो तो आप एकदम सही article पढ़ रहे हो। आज दुनिया का हर दुसरा व्यक्ति इंटरनेट का Use करता है, क्योंकि आज हमारा हर काम इंटरनेट के जरिये ही होता है, जैसे शॉपिंग करना, बिल भरना, मोबाइल और DTH रिचार्ज करना आदि|

इस corona महामारी के बीच भी सभी लोगो का काम work from home हो गया है और सभी को internet की जरूरत है। देखा गया है की दिन प्रतिदिन internet का इस्तेमाल और use करने वाले लोगो में बढ़ोतरी हुई है। internet से जुड़ा ही एक डिवाइस है जिसका नाम है router । अपने router का नाम तो जरूर सुना होगा ही किसी दोस्त से या कहि office में या फिर कही और। router का इस्तेमाल भी लोग internet को use करने के लिए करते है। तो चलिए बिना देरी किये जानते है की router क्या है।

राउटर क्या है (Router kya hai)

अगर आप mobile phone, computer या किसी दूसरे डिवाइस में internet का इस्तेमाल करते है Wi-fi के द्वारा तो आपके लिए router किया होता है जानना बहुत जरूरी है। आपको की बताते चले की राउटर एक networking device है जिसका प्रयोग कई networks का जोड़ने के लिए किया जाता है।

जब भी कोई data जो एक packets रूप में एक Network से दुसरे Network में Travel करता है। तब Router, Packet data को Receive करता है, और Data Packet में जो भी छुपी हुई Information है, उसको Analyze करने के बाद Destination Device को Forward करता है। इस Networking Device को अलग अलग Networks को अपसा में Wire या Wirelessly जोड़ने के लिया किया जाता है। वैसे तो इसका इस्तमाल घर में भी होता है जिसको हम Wireless Router कहते हैं। जिसे आप Internet को Access करते हैं।

“OR” (Router Kya Hai)

राऊटर एक networking device है जो दो या दो से अधिक कंप्यूटर नेटवर्क को जोड़ने का कार्य करता है। यह सूक्ष्म हार्डवेयर नेटवर्किंग डिवाइस होते हैं जो नेटवर्क के रूप में data को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचाते हैं। Data Packet में जो भी छुपी हुई Information है राऊटर द्वारा उस डेटा पैकेट को प्राप्त करने के बाद उस पैकेट में मौजूद जानकरी को पढ़ने के बाद राऊटर उसे नेटवर्क एड्रेस तक पहुँचाता है। इस तरह किसी पैकेट को नेटवर्क के माध्यम से एक राऊटर से अन्य राऊटर तक पहुचाकर सूचना दी जाती है। अतः इस प्रकार राऊटर इंटरनेट पर यातायात निर्देशन का कार्य करते हैं।

“OR” (Router Kya Hai)

Router एक networking device है जो multiple कंप्युटर को आपस में wired ओर wirelessely data शेयर करने के लिए connected करके रखता हैं। सरल भाषा में इसको समझाऊं तो एक यंत्र जो एक device को दूसरे device से जुड़ने के लिए इस्तेमाल करते हैं। इसको inter neworking Device भी बोला जाता किसी प्रकार device को जोड़कर उनपर इंटरनेट कनेक्शन के लिये जरूरत होता हैं।

राउटर का इतिहास (History of Router in Hindi)

International Network Working Group नाम की एक Organization ने सन 1974 में पहला राउटर बनाया। जिसे पहले Gateway कहा जाता था। 1970 से 1980 के दशक तक Router का इस्तेमाल Mini Computer में किया जाता था।

आज के राउटर काफी High Speed वाले है। Data Packet Forwording के लिए External Hardware वाले Computer और Encryption जैसे Special Security Function हैं।

राऊटर काम कैसे करता है (Router Kaise Kaam Krta Hai)

जैसे की आपको पता है Router , Packet को एक network से दुसरे Network में Forward करने का काम करता है।
यह भी कह सकते हो Source से Destination Address तक packet भेजता है। इसका मुख्य काम है packet को Receive करना और Receiver को Deliver करना। Router एक Layer 3 नेटवर्क डिवाइस है और ये OSI मॉडल की नेटवर्क लेयर पर ऑपरेट करता है|

Router कि मेमोरी मे embedded operating system (O/S) स्टोर होता है जो की दूसरे OS की तुलना मे बहुत कम स्टोरेज स्पेस लेता है| वैसे राऊटर डाटा के फ्लो को नेटवर्क सेग्मेंट्स के बीच और hosts or routers के बीच मैनेज करने का process है| इस routing को मैनेज करने के लिए राऊटर एक टेबल मैनेज करता है जिसमे नेटवर्क के दूसरे routers की इन्फोर्मेशन स्टोर होती है|

Routing table में आस पास वाले जितने भी Router हैं उन सभी का Address और path Distance रहता है। फिर इसके बाद सबसे पास वाले Router के पास Packet को Forward किया जाता है, जिसमे Receiver का IP address रहता है। packet अगले Router के पास पहुँचते ही वो भी फिर से Shortest Path को Check करता है और अगले Router के पास भेज दिया जाता है। कुछ इस तरह से Packet Receiver Computer के पास पहुँच जाता है।

एक Router बहुत सारे Network को जोड़ता भी है और अपने Routing table को Maintain भी करता है। maintain मतलब Update करता रहत है। हर एक Router अपने अपने आस पास वाले Router की जानकारी रखते हैं। Routing Protocol सारे Routers में रहता है जिसकी मदद से वो आपस में बात चित करते हैं। और इसके साथ साथ अपने connected Networks की Information को आपस में Share करते हैं, Routing table को Update करते हैं। कुछ इस तरह से यह Networking Device काम करती है।

राउटर के कंपोनेंट्स (Router Components In Hindi)

Router के भी कुछ कंपोनेंट्स या पार्ट्स होते है जैसे की CPU, Flash Memory, RAM आदि। तो चलिए जानते है इन components के बारे में details में।

  • Central Processing Unit (CPU)
  • Flash Memory
  • Non-Volatile RAM
  • RAM
  • Network Interfaces
  • Console

Central Processing Unit (CPU) :

जैसे की आप जानते ही होंगे की CPU किसी भी device का brain होता है या हम main part भी बोल सकते है, चाहे वो कंप्यूटर हो या वो राऊटर हो। राउटर में भी इसकी अहम भूमिका होती है क्योंकि राउटर के सभी कंपोनेंट्स को मैनेज करने का कार्य router के CPU का होता है।

Flash Memory :

हर Electronic Device के लिए Memory चाहिए जिस में operating system को store किया जाता है। Flash Memory को Computer के साथ Compare करें तो यह एक Hard disk ही है।इस Flash memory में Routing algorithm, Routing Protocol, Routing Table Store होता है। Router की Restart होने की स्थिति में फ्लैश मेमोरी कॉन्टेंट को Retain करने का भी कार्य करती है।

Non-Volatile RAM :

जैसे की आप Non-Volatile RAM से ही समँझ गए होंगे की ये Permanant Memory होती है। इसमें Operating System का Backup तथा Startup Version Store किया जाता है। जब Router को Boot किया जाता है तो Program इसी Memory से Load होता है।

RAM :

जब राउटर शुरू होता है तो ऑपरेटिंग सिस्टम रैम में लोड होता है।एक बार राउटर शुरू होने के बाद यह अपने स्वयं के मार्गों की गणना करना शुरू कर देता है और यदि ऐसा करने के लिए कॉन्फ़िगर किया गया है तो RIP (v1 और v2), OSPF, EIGRP, IS-IS या BGP के माध्यम से अन्य राउटर से नेटवर्क मार्ग सीखता है। रैम का उपयोग एआरपी टेबल, राउटिंग टेबल, रूटिंग मेट्रिक्स और अन्य डेटा को कैशिंग करने के लिए भी किया जाता है जो पैकेट को अग्रेषित करने की प्रक्रिया को तेज कर सकते हैं।

Network Interfaces :

किसी भी राउटर में कई नेटवर्क इंटरफेस मौजूद होते हैं और इन नेटवर्क इंटरफेस का कार्य राउटर को नेटवर्क से कनेक्ट करने का होता है। तो यह कुछ मुख्य भाग किसी राउटर में मौजूद होते हैं। तो दोस्तों क्योंकि आज राउटर हमारे घरों एवं ऑफिस में पाई जाने वाली ऐसी टेक्नोलॉजी बन चुकी है। जिसे इस्तेमाल करना आज नॉर्मल सा हो गया है परंतु टेक्निकली यह राउटर काम कैसे करते हैं इस बात पर हर किसी का ध्यान ही नहीं जाता। आइए हम समझने की कोशिश करते हैं।

Console :

Router को Managing और Configuring करने का सारा काम Console में ही होता है। Configuration और troubleshooting commands console से दिए जाते हैं।

राउटर के प्रकार (Types of Router)

आप सभी को router क्या होते है, router काम कैसे करते है के बारे में सारी जानकारी पता चल गयी होगी। लेकिन क्या आपको पता है की router कितने प्रकार के होते है अगर बात करे तो router बहुत से तरह के होते है लेकिन आज हम आपको उन्ही के बताएंगे जो ज्यादा use होते है।

  • Broadband Router (Wired Router)
  • Wireless Router
  • Core Routers
  • Edge Routers

Broadband Router (Wired Router) :

इस प्रकार के Router का उपयोग दो या दो से अधिक कंप्यूटरों को आपस में जोड़ने और इंटरनेट से जोड़ने के लिए किया जाता है|

Wireless Router :

Wireless Router वो Router होते है जिनका सबसे ज्यादा उपयोग किया जाता है, इस Router के बारे में सभी जानते है, Wireless Router का इस्तेमाल घर, ऑफिस, स्कूल, कॉलेज आदि जगह पर होता है|

Core Routers :

Core Routers का कार्य अलग-अलग जगहों पर स्थित Routers को जोड़ने के लिए किया जाता है, जिस प्रकार एक Company में अलग-अलग Routers है जो अलग-अलग जगह स्थित है, उन सभी सभी Routers को आपस में जोड़ने का काम Core Routers करते है| यह अलग अलग Distributed Routers को आपस में जोड़ने के लिए है। मतलब अगर एक Company है जिसके बहुत सारे Routers होंगे जो अलग अलग Location में होंगे। इन सभी Routers आपस में जोड़ने के लिए Core Router का इस्तमाल किया जाता है. इसका नाम भी इसी वजह से Core है।

Edge Routers :

Edge Routers वह Routers होते है जो बाहरी प्रोटोकॉल के बिच सामंजस्य स्थापित करते है|

वायरलेस राउटर की अधिकतम दूरी क्या है (Maximum distance of a wireless router)

सामान्यतः एक indoors कनेक्शन पर wireless router की रेंज 150 फीट होती है वहीं खुले आसमान के नीचे यह दूरी 300 फीट तक होती है। घर के अंदर एवं बाहर दोनों स्थिति में वायरलेस राउटर की दूरी के कम एवं अधिक होने का एक मुख्य कारण यह है कि जब indoor कनेक्शन स्थापित होता है तो दीवार या फिर अन्य ऑब्जेक्ट्स की वजह से घर के भीतर वायरलेस कनेक्शन की दूरी कम होती जाती है। और इस तरह indoor कनेक्शन में 75% तक की दूरी कम हो जाती है। अब सवाल आता है कि Router कितने प्रकार के होते हैं?

FAQs

राउटर क्या करता है?

राउटर कंप्यूटर और अन्य उपकरणों को इंटरनेट से जोड़ता है।

राउटर के प्रकार कोनसे होते है ?

Broadband Router (Wired Router)
Wireless Router
Core Routers
Edge Routers

राउटर के कंपोनेंट्स कोनसे होते है ?

Central Processing Unit (CPU)
Flash Memory
Non-Volatile RAM
RAM
Network Interfaces
Console

पहला राउटर किसने बनाया था ?

International Network Working Group नाम की एक Organization ने सन 1974 में पहला राउटर बनाया था।

क्या राउटर और वाईफाई एक ही है?

आपका राउटर आपके घर में कंप्यूटरों के बीच एक नेटवर्क बनाता है, जबकि आपका मॉडेम उस नेटवर्क को जोड़ता है ।

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