URL क्या होता है? कितने प्रकार के होते है?

What is url in hindi | Url full form in hindi

आज के इस टॉपिक में हम जानेंगे की यूआरएल क्या है और उसका काम क्या है। वह कैसे वर्क करता है। आदि सभी के बारे में हम जानेंगे। 




यूआरएल
का फुल फॉर्म यूनिफॉर्म रिसोर्स लोकेटर होता है। इसे आप एक एड्रेस समझ सकते हैं जो कि किसी एक यूनिक रिसोर्सेस को दर्शाता है। इंटरनेट पर अगर आप पढ़ते हो तो आपको यही यूआरएल शब्द बहुत ही कन्फ्यूजन सा लगता है। लेकिन जो इंटरनेट और वेब ब्राउजर और यूआरएल को सालों से इस्तेमाल कर रहे है उसके लिए यह बहुत ही आसान सा शब्द होता है। वह लोग
यूआरएल के बारे में सब कुछ जानते हैं। यूआरएल के बारे में आज सब को पढ़ाया जाता है। 


यूआरएल एक फॉर्मेटेड टेक्स्ट स्ट्रिंग है। जिसे वेब ब्राउजर में ईमेल, यूट्यूब  या किसी अन्य सॉफ्टवेयर में किसी वेबसाइट को ढूंढने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। यह वेबसाइट यूआरएल द्वारा रिप्रेजेंट किए जाते हैं और इन सभी को वेब सर्वर द्वारा हैंडल किया जाता है। 


किसी भी URL के तीन भाग होते हैं


  • Protocol Designation
  • Host Name or Address
  • File or Resource Location

इन सभी substrings की अलग करने के लिए Special Characters का इस्तमाल होता है।  जिसका की Format कुछ इसप्रकार है। 

protocol://host/location


सबसे पहली बार टीम बर्नर्स ली (Tim Berners-Leeने इस टेक्नोलॉजी (यूआरएल) को दुनिया के सामने लाया था। जिन्होंने सबसे पहली बार यह आईडिया सबके सामने लाया कि ऐसी ऑर्गेनाइजेशन जो सभी वेबपेजेस को एक यूनिक लोकेशन एड्रेस प्रदान कर सकती है जिससे कि उन्हें आसानी से ऑनलाइन खोजा जा सके। 


एचटीएमएल (HTML) आने के बाद उससे बहुत सारी वर्ल्ड वाइड वेब बनाई गई और उसके बाद हाइपरलिंक्स बनाई गई। 


यूआरएल को यूज कैसे किया जा सकता है? जैसा की आपको पता हैं हमारे ब्राउज़र को वेबपेज को ढूंढने के लिए एक स्पेशल ip-address का इस्तेमाल करना पड़ता है।  ip जिसे हम इंटरनेट प्रोटोकोल के नाम से भी जानते हैं। ip-नंबर का एक सीरीज होता है जो कि कुछ इस प्रकार से है 68.172.213.21


जरा सोचिए अगर हमें सारी वेबसाइट को अपने  ip-address से याद रखना पड़ता तो वह कितना मुश्किल होता और इंटरनेट के चहिते शायद इतने नहीं होते।


वैसे देखा जाए तो यूआरएल के भी बहुत सारे प्रकार होते हैं। उसमें डिफरेंट टर्म्स का इस्तेमाल किया जाता है। यूआरएल के दो प्रकार हमें पढ़ाया जाते हैं स्टैटिक और डायनामिक यह दो प्रकार हमें बीसीए में पढ़ाए जाते हैं। वैसे तो बहुत सारे प्रकार होते हैं। पर यह दो बहुत खास होते हैं। यूआरएल में स्पेशल कैरेक्टर का इसलिए इस्तेमाल नहीं किया जाता है। क्योंकि स्पेशल कैरेक्टर का इस्तेमाल किया जाए तो उसे इनकोड करना पड़ता है। 



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